मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को हुआ था।

मदर टेरेसा महात्मा गांधी जी के  सिद्धांतों और अहिंसा से बहुत प्रभावित थी।

वह एक अल्बानिया भारतीय रोमन कैथोलिक नन और मिशनरी थी जो धर्म के प्रचार प्रसार में एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करती थी।

उन्होंने अपने बचपन का काफी समय चर्च में बिताया। वहीं से वह मिशनरीज की जिंदगी की तरह आगे बढ़ती गई।

18 वर्ष की बहुत कम आयु में उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था। इसके बाद वह कभी भी अपने परिवार से नहीं मिल पाई।

मदर टेरेसा गर्भनिरोधक और गर्भपात के सख्त खिलाफ थी।

Tमदर टेरेसा का मानना था कि बच्चे की हत्या करना मानव हत्या के  समान है जो मानव जाति के लिए बेहद शर्मनाक है।

मदर टेरेसा को सरबिनायी, अल्बीनिया, अंग्रेजी हिंदी और बंगाली भाषाओं का अच्छा ज्ञान था।