26 JANUARY SPEECH IN HINDI (गणतंत्र दिवस पर हिंदी में भाषण): गणतंत्र दिवस(REPUBLIC DAY SPEECH ) पर हिंदी में सरल और सुंदर भाषण किस प्रकार लिखें या बोले यह जानने के लिए यह लेख पढ़ें

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REPUBLIC SPEECH IN HINDI
REPUBLIC SPEECH IN HINDI

26 JANUARY(REPUBLIC DAY SPEECH) SPEECH IN HINDI (गणतंत्र दिवस पर हिंदी में भाषण): गणतंत्र दिवस पर हिंदी में सरल और सुंदर भाषण किस प्रकार लिखें यह जानने के लिए यह लेख पढ़ें

REPUBLIC DAY SPEECH

आज के इस लेख के माध्यम से आपको बताने वाला हूं कि किस प्रकार गणतंत्र दिवस(REPUBLIC DAY) पर हिंदी में सरल तरीके में भाषण लिख  या बोल सकते हैं। आप सभी तो जानते हैं कि हमारा देश कम से कम 200 वर्षों तक अंग्रेजों की गुलामी से त्रस्त था। 15 अगस्त 1947 को भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ। देश को सुचारू ढंग से चलाने के लिए 26 जनवरी 1950 को देश का बहुत बड़ा संविधान बनाया गया जिसमें कई सारे नियम और कानून जनता के लिए थे। पिछले वर्ष हमने 73 वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस वर्ष 2023 में हम 74 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। स्कूल हो ,कॉलेज हो या ऑफिस हो हर जगह गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन स्कूल और कॉलेजों में कई प्रकार की प्रतियोगिताएं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यदि आप कोई विद्यार्थी हैं या शिक्षक हैं तो यह लेख आपको बहुत ही मददगार साबित होने वाला है। इस लेख में मैं बताने वाला हूं कि गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को किस प्रकार आप एक आसान भाषा में भाषण दे सकते हैं। इसलिए भाषण संबंधित सभी जानकारी जानने के लिए आप इस लेख को अंत तक पढ़े।

जैसे ही आप स्टेज पर पहुंचेंगे आपको शुरुआती कुछ लाइनें इस प्रकार कहनी है——-

सभा में उपस्थित सम्माननीय अतिथि गण ,शिक्षक वर्ग, मित्रगण  और मेरे प्यारे भाई और बहनों, आप सभी को 74 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं । मेरा नाम ——हैं । मैं कक्षा में—— पढ़ता/ पढ़ती हूं|या मैं एक शिक्षक या शिक्षिका हूं|आज इस प्रांगण  में  हम गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर उपस्थित हुए हैं। देश की आजादी के लिए जिन वीर सपूतों ने अपनी कुर्बानी दी, आज उनको    श्रद्धांजलि देते हुए हम गणतंत्र दिवस को मनाएंगे। आज के इस भाषण में मैं आपको 26 जनवरी अर्थात गणतंत्र दिवस या संविधान दिवस के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी देने वाला हूं। जैसे कि हम सभी जानते हैं कि हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से 200 वर्षों तक पीड़ित रहा। 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान बनाया गया। संविधान में कई प्रकार के नियम और कानून जोड़े गए जिससे देश और नागरिकों का विकास हो सके। 26 जनवरी 1950 को हमारा भारत  डेमोक्रेटिक रिपब्लिक बना था। गणतंत्र का अर्थ होता है जनता का जनता के द्वारा शासन।

देश का संविधान कैसे बना था?

अब मै इस बात पर प्रकाश डालूंगा कि हमारे देश का संविधान कैसे बना था ? जैसा कि आप सभी जानते हैं कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू कर दिया गया|इस संविधान को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में रहकर 284 सदस्यीय टीम ने तैयार किया था, जिसमें 15 महिला सदस्य भी थी। आजादी के बाद इस संविधान को बनने के लिए कुल 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था|हमारा संविधान कुल 2 भाषा यानि अंग्रेजी और हिंदी में लिखा गया था। जब संविधान तैयार हुआ था उस समय कुल 396 अनुच्छेद 8 सूचियां और 22 भाग थे। इस संविधान में अब तक कुल 104 संशोधन किए जा चुके हैं। हमारे संविधान को पूरे विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है। यह संविधान हमारे देश के सभी धर्म ,जाति के लोगों को जोड़कर रखता है। हमारा संविधान हस्तलिखित था। इसमें ना कोई टेली प्रिंटिंग थी और ना ही कोई टाइपिंग थी।

दिल्ली में किस प्रकार मनाया जाता है गणतंत्र दिवस

आज हम 74 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। आज के दिन प्रधानमंत्री जी द्वारा लाल किले पर ध्वजारोहण किया जाता है। शहीद सैनिकों को 21 तोपों की सलामी दी जाती है। ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगान भी गाया जाता है। हमारी तीनों सेना वायु सेना, जल सेना  और थल सेना अपने कौशल दिखाकर परेड भी करती है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विदेश से अतिथि बुलाए जाते है।

साथियों जैसा कि हम जानते हैं कि आज से 74 साल पहले हमारा संविधान लागू कर दिया गया था। भारत एक समाजवादी ,धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित कर दिया गया था। तब से अब तक हमने काफी लंबा समय तय कर लिया है। अब भारत विविध क्षेत्रों में काफी प्रगति कर चुका है।

तो साथियों आइए इस गणतंत्र दिवस के पावन मौके पर उन स्वतंत्र सेनानियों को याद करते हैं जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपनी आहुति तक दे डाली। उन संविधान  निर्माताओं को भी याद करते हैं जिन्होंने संविधान बनाने के लिए एक अहम भूमिका निभाई। भारत का संविधान एक जीवंत दस्तावेज है जो हमारे समाज की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्षों से विकसित हुआ है। इस संविधान में ऐसे मूल्य तत्व और सिद्धांत है जो देश के लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करता है। हमारे देश में अलग-अलग प्रकार के धर्म ,संप्रदाय और जाति के लोग रहते हैं। यह संविधान सभी प्रकार के धर्म, जाति और वर्ग के लोगों को समविष्ट करता है।

अंत में यही कहना चाहूंगा कि हमारे देश का विकास हमारे विकास के ऊपर निर्भर करता है। यदि हम पढ़े लिखे और शिक्षित होंगे तो निश्चित ही हमारा देश प्रगति की राह पर चल देगा। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य होता है कि हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग ले। देश की प्रगति में योगदान करें और संविधान के मूल्य और सिद्धांतों का पालन करने के साथ-साथ उसका संरक्षण भी करें। अंत में एक बार फिर से उपस्थित सभी मन्यवारों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

2023 में भारत कौन सा गणतंत्र दिवस मनाएगा?

74

संविधान को बनाने में कितना समय?

2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन का समय

संविधान कब लागू किया गया?

26 जनवरी 1950 को

गणतंत्र दिवस का क्या अर्थ होता है?

गणतंत्र का अर्थ होता है जनता का जनता के द्वारा शासन।

संविधान कितनी भाषाओं में लिखा गया?

2

भारत देश कितने वर्षों तक अंग्रेजों का गुलाम था?

200 वर्षों तक

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2023 में भारत कौन सा गणतंत्र दिवस मनाएगा?

संविधान को बनाने में कितना समय?

संविधान कब लागू किया गया?

गणतंत्र दिवस का क्या अर्थ होता है?

संविधान कितनी भाषाओं में लिखा गया?

भारत देश कितने वर्षों तक अंग्रेजों का गुलाम था?

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