मेटावर्स टेक्नोलॉजी किसे कहते है |WHAT IS METAVERS TECHNOLOGY

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मेटावर्स टेक्नोलॉजी
मेटावर्स टेक्नोलॉजी

साथियों इस आर्टिकल के माध्यम से आपको मेटावर्स टेक्नोलॉजी के बारे में पूरी जानकारी देने वाला। साथ ही साथ यह भी बताने वाला हूं कि इस टेक्नोलॉजी की जरूरत  क्यों पड़ रही है और आने वाले समय में इस टेक्नोलॉजी से क्या फायदा मिलने वाला है। तो पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप मेरे साथ इस आर्टिकल में अंत तक  बने रहें।

प्रस्तावना ( मेटावर्स टेक्नोलॉजी)

मेटावर्स टेक्नोलॉजी को  आने वाले समय में भविष्य की टेक्नोलॉजी माना जा रहा है। इस समय हर जगह मेटावर्स टेक्नोलॉजी की काफी चर्चा हो रही है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस तकनीक को मैन स्ट्रीम में आने के लिए कम से कम 5 से 10 साल लग सकते हैं। अमेरिका की दो दिग्गज कंपनियां फेसबुक (जिसका अब नाम मेटा हो गया)और माइक्रोसॉफ्ट दोनों ने इस पर अपना दावा किया है। असल में यह टेक्नोलॉजी  विभिन्न आयामों का संगम है जिसमें वर्चुअल रियलिटी ,ऑगमेंटेड रियलिटी और वीडियो शामिल है।

मेटावर्स टेक्नोलॉजी क्या है।

मानव ने अपनी इंद्रियों को सक्रिय करने के लिए अनेक तकनीकी को विकसित किया है। ऑडियो स्पीकर से लेकर टेलीविजन ,वीडियो गेम और वर्चुअल रियलिटी तक। आने वाले समय में हम छूने या  गंध जैसी अन्य इंद्रियों को सक्रिय करने वाले उपकरण भी विकसित कर सकते हैं। इन प्रौद्योगिकी के लिए कई सारे शब्द दिए गए है लेकिन एक भी ऐसा लोकप्रिय शब्द नहीं है जो भौतिक दुनिया और वर्चुअल दुनिया के मेल को बखूबी बयां कर सकता है। इसे ही मेटावर्स नाम दिया गया है।

क्यों पड़ी मेटावर्स की जरुरत

असल में यह  टेक्नोलॉजी विभिन्न आयामों का संगम है। इंटरनेट और साइबरस्पेस जैसे शब्द ऐसे स्थानों के लिए है जिन्हें हम स्क्रीन के जरिए देखते हैं। लेकिन यह सब इंटरनेट की वर्चुअल रियलिटी (3D गेम मोबाइल world या  वर्चुअल सिटी) या ऑगमेंटेड रियलिटी की पूरी तरह व्याख्या नहीं कर पाते। इसीलिए इनके लिए मेटावर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मेटावर्स से क्या फायदा मिलेगा

फेसबुक और अन्य ऐसी बड़ी कंपनियों के लिए मेटावर्स की संकल्पना एक उत्साहजनक है ।क्योंकि इससे नए बाजारों ,नए प्रकार के सोशल नेटवर्क को, नए उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और नए पेटेंट के अवसर पैदा होते हैं। दक्षिण कोरिया में मेटैवर्स टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए एक दिशा में काम हो रहा है। इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा इस स्मार्टफोन 5G नेटवर्क ,ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल करेंसी ऑफ सोशल नेटवर्क का मेल कर समाज की समस्याओं का समाधान निकालने, लाभ निकालने के तरीके खोजना है।

बदल जायेगी स्कूलों की दुनियां

लोगों का ऐसा विचार है कि मेटावर्स के आने से एजुकेशन सेक्शन की पूरी दुनिया बदल जाएगी। बच्चे बस ए आर(AR )या  वी आर (VR)बॉक्स अपनी आंखों पर लगाकर स्कूल का पूरा अनुभव पा सकेंगे। भविष्य के इस बदलाव को  देखकर  स्कूलों को भी बदलना होगा। आज कई बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म ,न्यूज़ एजेंसी या कपड़ों के बड़े ब्रांड अपनी सर्विस को मेटावर्स पर लाने की पूरी तैयारी करें।

कैसी होगी मेटावर्स की दुनिया

मेटावर्स की दुनिया में हम वो सब कर सकेंगे जो वास्तविक दुनियां में  हम सब करते हैं। यहां हम रहने के लिए वर्चुअल घर और जमीन खरीद सकेंगे।  पर हम अपने दोस्तों के साथ डिस्को में इंजॉय कर सकेंगे, उनके साथ खेल का लुफ्त उठा सकेंगे, फिल्में देख सकेंगे। परंतु यह सारी गतिविधियां संपन्न करने के लिए हमारे पास वीआर (VR)बॉक्स का होना जरूरी होगा|

कहां से पैदा हुआ मेटावर्स का शब्द

अनेक शब्द उपन्यासों से पैदा हुए है। इसी प्रकार 1982 में विलियम गिब्सन की एक किताब से साइबरस्पेस शब्द आया है। रोबोट सब 1920 में कैरल कापेक के एक नाटक से उत्पन्न हुआ है। इसी श्रेणी में मेटावर्स भी आता है।

कौन मारेगा बाजी मिटावर्ष की दुनिया में

लोग ऐसा कयास लगा रहे हैं कि इस दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट बाजी मार सकता है। कंपनी ने इस दिशा में काम करना भी शुरू कर दिया है। फेसबुक ने भी मेटावर्स की दुनिया में कदम रख दिया है |कंपनी बड़े पैमाने पर इसमें निवेश कर रही है ।

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