दिपावली का पर्व

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आज हम दिपावली पर्व की जानकारी प्राप्त करेगे ।




 1)प्रस्तावना :

दीपावली हिंदुओं का एक प्रसिद्ध त्योहार है। दीपावली का अर्थ होता है  दीपों की माला या दीपो की शृंखला। यह त्योहार लोगों के घरों और समाज में खुशियां फैलाने वाले त्योहार के रूप में जाना जाता है। भारत के साथ-साथ यह त्योहार पड़ोसी देश नेपाल में भी बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस  त्योहार  का सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व है। यह त्योहार लोगों में एक उत्साह, खुशी  और उमंग लेकर आता है। यह त्योहार अक्सर कार्तिक माह के  अमावस्या के दिन मनाया जाता है।।


2)दिपावली की तैयारी :

यह त्योहार अक्सर 5 दिन तक मनाया जाता है ।इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज वाले त्योहार पर होता है। धनतेरस के दिन लोग चांदी सोने के आभूषण तथा बर्तन खरीदते हैं।

दशहरा के बाद से ही इस त्योहार का इंतजार लोग बड़ी आतुरता के साथ करने लगते हैं। त्योहार के कुछ दिन पहले ही लोगों के घरों में अच्छी अच्छी मिठाइयां ,पकवान तथा नमकीन बनाने का कार्यक्रम शुरू हो जाता है। महाराष्ट्र जैसे प्रदेश में लोग करंजी, लाडू , चकली, शंकर पाड़ा जैसी विशेष रूप की मिठाईयां दिवाली के पहले से बनाते हैं। घरों में साफ-सफाई के साथ लिपाई- पुताई का कार्यक्रम भी दीपावली के पूर्व होता है। कपड़े, आभूषण तथा उपहार की शॉपिंग करने के लिए लोग बाजार में जाते हैं।


3)दिपावली मनाने के पीछे की एक प्राचीन कथा:

एक प्राचीन कथा के अनुसार जब भगवान राम रावण का वध करके 14 वर्ष के बाद अयोध्या लौटे तब उनके आगमन के दौरान पूरी अयोध्या को दीपों से सजा दिया गया। इसी दिन से दीपावली का त्योहार लोगों में प्रसिद्ध हुआ।

एक दूसरी कथा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने इसी दिन नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था । और उस दिन से दिवाली मनाने का पर्व शुरू हुवा ।

 

  4) दिवाली किस प्रकार मनाते है?

दीपावली वाले दिन लोग अच्छे अच्छे कपड़े पहन कर माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना करते हैं। आपस में एक दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं। छोटे बच्चे से बड़े बुजुर्ग के लोग घर से बाहर निकल कर पटाखे बजाते हैं। इस त्योहार में लोगों के घर दीपों  से जगमगा उठते है।


5) तात्पर्य:

दीपावली का त्योहार लोगों के जीवन में खुशियां तथा सुख प्रदान करने वाला त्योहार के रूप में जाना जाता है। यह त्योहार बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत के रूप में भी जाना जाता है। अमीरी- गरीबी का भेदभाव भूलकर लोग मिल जुलकर इस त्योहार को मनाते हैं।

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