कार्य और ऊर्जा पीडीएफ़ नोट्स 9TH STD|karya Aur Urja PDF Notes 9TH STD

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कार्य और ऊर्जा
कार्य और ऊर्जा

कार्य और ऊर्जा पीडीएफ़ नोट्स,karya Aur Urja PDF Notes

कार्य किसे कहते हैं?(कार्य और ऊर्जा पीडीएफ़ नोट्स)

किसी पिंड पर क्रियाशील बल और प्रयुक्त किए गए बल की दिशा में उत्पन्न विस्थापन के गुणनफल को कार्य कहते हैं। यदि किसी पिंड पर बल F क्रियाशील हो और उस पिंड में बल की ही दिशा में उत्पन्न विस्थापन S हो तो उस बल द्वारा किया गया कार्य

W=F.S

कार्य  एक भौतिक राशि है जिसमें केवल परिमाण होता है दिशा नहीं होती है। इसीलिए कार्य एक अदिश भौतिक राशि है।SI प्रणाली मे  कार्य की इकाई जूल तथा CGS में अर्ग होती है।

बल के प्रकार तथा उनके उदाहरण कौन कौन से है।(कार्य और ऊर्जा पीडीएफ़ नोट्स)

गुरुत्वीय बल, विद्युत चुंबकीय, बल नाभिकीय बल

धनात्मक  , ऋणान्तमक तथा शून्य कार्य किसे कहते हैं।

यदि प्रयुक्त किए गए बल तथा बल द्वारा उत्पन्न विस्थापन दोनों एक ही दिशा में हो तो उस बल द्वारा किया गया कार्य धनात्मक होता है।

यदि बल तथा विस्थापन दोनों की दिशाएं परस्पर विपरीत हो तो उस बल द्वारा किया गया कार्य ऋण आत्मक होता है।

यदि बल और विस्थापन परस्पर लंब हो तो बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है।

ऊर्जा किसे कहते है।

किसी पिंड में विद्यमान कार्य करने की क्षमता को उस  पिंड की उर्जा कहते हैं। ऊर्जा एक आदिश भौतिक राशि है। ऊर्जा तथा कार्य की इकाइयां समान होती है। SI इकाई जूल तथा CGS इकाई अर्ग होती है। उर्जा के अलग अलग प्रकार होते हैं जैसे यांत्रिक  ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा, ध्वनिऊर्जा ,रासायनिक ऊर्जा, नाभिकीय ऊर्जा सौर ऊर्जा

गतिज ऊर्जा किसे कहते है।

किसी पिंड की गतिज अवस्था द्वारा उस पिंड को प्राप्त होने वाली ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं।

उदाहरण:

-गतिशील गेंद स्टंप पर टकराए।

-कैरम के स्ट्राइकर से गोटी को मारा जाए।

-कंचे खेलते समय कंचा ,कंचा से टकराये।

स्थितिज ऊर्जा किसे कहते हैं।

किसी पिंड की विशिष्ट अवस्था द्वारा उसमें जो ऊर्जा समाविष्ट होती है उसे उस पिंड की स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।

उदाहरण:

-खींचे हुए धनुष से तीर छोड़ा।

-दबाई गई कमानी ( स्प्रिंग) को छोड़ा

-ऊंचाई पर स्थित पानी की टंकी में से पानी नीचे वाली नल में अपने आप आता है।

ऊर्जा की अविनाशता का नियम

ऊर्जा का निर्माण नहीं किया जा सकता है और उसे नष्ट भी नहीं किया जा सकता है ।उसे केवल एक प्रकार से दूसरे प्रकार में रूपांतरित किया जा सकता है ।फिर भी विश्व की संपूर्ण ऊर्जा का परिमाण सदैव अचर बना रहता है।

मुक्त पतन किसे कहते है।

जब कोई पिंड केवल गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा नीचे आता है तब उस पिंड की गति को मुक्त पतन कहते हैं। ध्यान रहें पिंड की अंतिम गतिज ऊर्जा = प्रारंभिक स्थितिज ऊर्जा = कुल ऊर्जा

शक्ति किसे कहते है।

कार्य करने की दर को शक्ति कहते है। शक्ति एक अदिश भौतिक राशि है। शक्ती की SI ईकाई वॉट (Watts) होती है। औद्योगिक क्षेत्र में शक्ति का मापन अश्वशक्ति नामक इकाई में किया जाता है।

1 अशशक्ति =746 वॉट

 

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